नगर निगम के मैनुअल सिस्टम में आया वाइरस, परेशानी से बचने के लिये गृह कर स्वकर जमा करने जाए तो पुराने बिल की रसीद अवश्य साथ ले जाए
हरिद्वार।
नगर निगम के कर्मचारी आजकल घर-घर जाकर गृह कर स्वकर के बिल बांटे जा रहे हैं जब लोग बिल लेकर नगर निगम पहुंचते हैं तो उनके सामने बड़े-बड़े रजिस्टर जिनकी हालत रिकॉर्ड जैसी नहीं लगती। ऐसा लगता है जैसे किसी कबाड़ खाने में डाल रखे हो पेज फटे हैं उखड़े हुए हैं और उन्हें घंटे में ढूंढ कर उनके सामने खोलकर बैठ जाते हैं कि यह बिल ठीक नहीं है आपका बिल अभी बनाना पड़ेगा पहले आपने जहां तक कर दिया है वह रसीद ले आओ जो बिल जमा करने गए थे वह अपना समय घंटो खराब करने के बाद अपने घर लौट आते हैं। नगर निगम के अधिकारी गलत बिल भेज कर उन्हें ठेंगा दिखा रहे हैं। बिल की रसीद काट कर देने की बजाय उन्हें रसीद ढूंढ कर लाने के लिए बोलते हैं और उन पर उस बिल से हटकर अनाफ सनाप मोटी मोटी रकम का बिल उन्हें बताने लगते हैं।
ऐसा ही मामला एक विभाग के कर्मचारी के साथ हुआ, उनके घर गृह कर का बिल आया, जो पिछली बार की अपेक्षा 3 गुना आया था। वो बिल जमा करने जब नगर निगम में पहुचे तो कर्मचारी रिकॉर्ड खोल कर बताने लगे आप का तो पिछले दो वर्षों से गृह कर जमा ही नही हुआ है इसलिए अधिक आया है, इस पर बहस होने लगी निगम के बाबू अड़े रहे हमारे रिकॉर्ड में नही चढ़ा है हम क्या झूट बोल रहे है, बिल जमा करने आये दूसरे विभाग के बाबू साहब भी अड़ गए के जब में खुद जमा करके गया हूं तो में क्यों झूट बोलूंगा। काफी देर बहस के बाद निगम कर्मचार ने उन्हें अपने पुराने बिल की रसीद दिखाने की बात कही। सरकारी विभाग में वर्षो के कार्य करने वाले जिम्मेदार लिपिक साहब को कार्यालय की तरह ही अपने व्यक्तिगत कागजात संभाल कर रखने की आदत है। बाबू साहब घर आये रसीद निकली और पहुच गए निगम कार्यालय। जब रसीद दिखाई तो निगम कर्मचारी जो कुछ देर पूर्व सर्दी के मौसम में गर्मी दिखा रहे थे, अब बगले झांकते नज़र आये। ओर अपनी लापरवाही को स्वीकार किया।
ऐसा किसी एक व्यक्ति के साथ नही अधिकतर के साथ हो रहा है। इसलिए जब गृह कर जमा करने जाए तो पुरानी रसीद साथ ले जाये। अन्यथा आप को भी वो रिकार्ड दिखाकर परेशान किया जा सकता है जिसमे पता नही कब एंट्री की गई थी।

















































