उत्तराखंड हरिद्वार

पशु क्रूरता पर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी सख्त

अवैध खनन में बग्गियों के दुरुपयोग पर कार्रवाई तेज
हरिद्वार।
पीपुल्स फार एनिमल्स संस्था की गंभीर शिकायत पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी हरिद्वार के संज्ञानार्थ एवं रानीपुर कोतवाली को पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। शिकायत में अवैध खनन में लगी बुग्गियों के माध्यम से महिष वंशीय (झोटा) का क्रूरतापूर्ण शोषण किए जाने का मामला सामने आया था।
पीपुल्स फॉर एनिमल के यूनिट प्रभारी आदित्य शर्मा द्वारा की गई शिकायत में बताया गया कि रानीपुर कोतवाली पुलिस ने अवैध खनन में लगी कई बग्गियों को पकडकर सीज किया। जांच में सामने आया कि बग्गी स्वामियों ने अधिक रेत खिंचवाने के लिए न केवल चुंबक पर कीलें लगाई थीं, बल्कि जानवरों को मजबूर करने के लिए चाबुक में भी लोहे की कीलें ठोंकी हुई थी। चाबुक पर लगाई गई कीलों से जानवरों को गंभीर चोट पहुंचाई जाती है, ताकि वह अधिक भार खींचने के लिए मजबूर हो जाएं। इस अमानवीय कार्य की वीडियो रानीपुर कोतवाली में दर्ज की गई और मामले को मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को भेजा गया। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. धनंजय कुमार चंद ने शिकायत को अत्यंत गंभीर मानते हुए तत्काल  दो पत्र जारी किए जिसमें एक जिलाधिकारी हरिद्वार को संज्ञान एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु दूसरा रानीपुर कोतवाली को जारी किया ताकि सीज की गई बग्गियों के स्वामियों पर पशु क्रूरता अधिनियम की धाराओं के तहत कठोर कार्यवाही की जा सके। साथ ही, दोषियों से भविष्य में ऐसी क्रूरता न करने का शपथ पत्र लेने, जुर्माना लगाने एवं कठोर चेतावनी देकर आगे की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए। आदित्य शर्मा ने कहा कि ’अवैध खनन के साथ पशु क्रूरता को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। समय—समय पर पुलिस और जिला पशु क्रूरता समिति के साथ संयुक्त अभियान चलाया जाएगा। हम जिलाधिकारी (अध्यक्ष, पशु क्रूरता समिति) एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (उपाध्यक्ष) से भी अनुरोध करेंगे कि पशु क्रूरता रोकथाम के नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए। सीज की गई बग्गियों के चाबुक पर लगी कीलों का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें साफ दिख रहा है कि जानवरों पर किस तरह की अमानवीय क्रूरता की जा रही थी। मामलों की जांच जारी है और पुलिस आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी में है।

LEAVE A RESPONSE

Your email address will not be published. Required fields are marked *