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लक्सर।
हस्तमौली गांव निवासी एक गर्भवती महिला ने खानपुर स्थित सरकारी अस्पताल के कर्मचारियों पर मनमानी करते हुए उसे प्रसव पीडा होने के बावजूद भी डिलीवरी नही कराने का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि बाद में उसे अधिक प्रसव पीड$ा हो जाने के कारण गोवर्धनपुर स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में डिलीवरी करानी पडी। एसीएमओ रमेश कुंवर ने बताया कि उक्त मामले की जांच कराई जा रही है।
खानपुर क्षेत्र के हस्तमौली गांव निवासी महिला सुमनप्रीत और उसके परिजनों ने पत्रकारों को बताया कि वह करीब पिछले नौ माह से गर्भवती थी और उसका खानपुर के सरकारी अस्पताल से इलाज चल रहा था। उसने बताया कि 22 सितंबर को अपराहन करीब दो बजे के बाद उसे प्रसवपीडाड शुरू हो गई। जब वह अपने पति के साथ बाइक पर खानपुर के सरकारी अस्पताल पहुंची, तो वहां तैनात कर्मचारी उसकी डिलीवरी कराने में टालमटोल करने लगे और उसे लक्सर जाने के लिए कहने लगे। प्रसवपीडा सहन न होने के कारण वह अपने पति के साथ बाईक पर लक्सर जाने लगी। महिला ने बताया कि जब वह गोवर्धनपुर पहुंची, तो उनकी बाईक खराब हो गई। इसी दौरान उसे असहनीय पीडा होने लगी। जिस कारण वह अपने पति के साथ सामने स्थित चीमा हेल्थ केयर पर चली गई। तथा वहां मौजूद कर्मचारियों से डिलीवरी कराने की बात कही तो उक्त कर्मचारियों ने भी उन्हे लक्सर अस्पताल में जाने की सलाह दी, किंतु महिला की तबीयत ज्यादा बिगडने पर कर्मचारी डिलीवरी करने के लिए सहमत हो गए तथा उसकी सामान्य डिलीवरी कराई गई।
महिला व उसके परिजनों ने आरोप लगाया है कि खानपुर अस्पताल के कर्मचारियों की मनमानी के कारण पीडित महिला की जान भी जा सकती थी। उनका कहना है कि खानपुर अस्पताल मे एक भी महिला चिकित्सक मौजूद नही थी। जिस कारण उसे अस्पताल में प्राथमिक इलाज भी नही दिया गया और डिलीवरी ना कराकर उसे बाहर इलाज कराने की बात कहकर लक्सर भेज दिया। वही गोवर्धनपुर स्थित अस्पताल की संचालक अमनप्रीत कौर ने बताया कि वह भी एक महिला है। प्रसवपीडा से कराह रही महिला का दर्द उनसे देखा नही गया। तथा उसकी सामान्य डिलीवरी कराई गई है। फिलहाल जच्चा बच्चा दोनों स्वस्थ है।
बाक्स…
अस्पताल में महिला की डिलीवरी की शिकायत मिली है। अस्पताल के कर्मचारियों को नोटिस भेजकर पूरे मामले की जानकारी की जाएगी तथा उनका भी पक्ष सुना जायेगा।
रमेश कुंवर
एसीएमओ
स्वास्थ्य विभाग।


















































