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गौरीकुंड व सोनप्रयाग मे रोके गए श्रद्धालु, डीजीपी ने दिए अलर्ट मोड पर रहने के आदेश

रुद्रप्रयाग।

केदार धाम में हो रही बर्फबारी के कारण धाम में पर्याप्त यात्री व्यवस्था नहीं हो पाई है। जिसके कारण जिला प्रशासन द्वारा बड़ी संख्या में यात्रियों को गौरीकुंड और सोनप्रयाग के विश्राम स्थलों पर ही रोक दिया गया है। हालांकि इन सभी श्रद्धालुओें की इच्छा थी कि वह कपाट खुलने के समय बाबा के प्रथम दर्शन व अखंड ज्योति दर्शन के साक्षी बने। लेकिन मौसम की विसंगतियों और प्रशासन की एहतियाती सख्ती के कारण उनकी यह मनोकामना पूरी नहीं हो सकेगी। श्रद्धालुओं ने इस रुकावट पर मलाल जताते हुए कहा कि हमने तो बहुत प्रयास किए लेकिन शायद बाबा की यही इच्छा रही होगी। देखते हैं कि बाबा कब उन्हें दर्शन देंगे। अगले कुछ दिनों में हिमस्खलन और बर्फबारी की चेतावनी के चलते डीजीपी अशोक कुमार ने पुलिस को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। एसडीआरएफ और इमरजेंसी सेवाओं को सतर्क रखते हुए पुलिस को अन्य विभागों से समन्वय स्थापित करने को कहा गया है। इस संबंध में डीजीपी ने आईजी गढ़वाल और जिला पुलिस कप्तानों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग भी की। डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि केदारनाथ धाम में अगले छह से सात दिन तक बर्फबारी की संभावना जताई गई है। इसके लिए रुद्रप्रयाग पुलिस को जिला प्रशासन व संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। बर्फबारी के संबंध में सोशल मीडिया, न्यूज चैनलों, समाचार पत्रों से प्रचार-प्रसार कराने को कहा गया है। कहा गया है कि उन्हें सलाह दी जाए कि मौसम साफ होने पर ही यात्रा शुरू करें। वहीं, डिफेंस जियो इन्फॉर्मेटिक्स एंड रिसर्च एस्टेबलिशमेंट (डीजीआरई) चंडीगढ़ ने उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग में हिमस्खलन की चेतावनी जारी की है। ऐसे में पुलिस बल, एसडीआरफ, फायर सर्विस, आपदा राहत कार्य में प्रशिक्षित कर्मचारियों और संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। डीजीपी ने कहा कि एसडीआरएफ और अन्य आपदा राहत वाले विभागों की टीमों को ऐसे स्थानों पर पहले से ही नियुक्त कर दिया जाए, जहां आपदा की आशंका अधिक रहती है।

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